अपने महत्व को समझे Know Your Value

         अपने महत्व को समझने का एक अनोखा तरीका 

       

           प्रत्येक व्यक्ति का एक अपना अलग महत्व होता है। किसी व्यक्ति को कोई कितना प्यार करता है, उसकी महत्ता उससे समझ आती है। इसी विषय पर एक विशेष कहानी बताने जा रहा हूं, ध्यान से पढ़िए और उसे समझिए, इस कहानी से जीवन को सरल बनाने में सहायता मिलेगी । 



Know Your Value

बाप और बेटे की कहानी –


          एक बार एक लड़का अपने पिताजी से पूछा पिताजी मेरी महत्व, Value क्या है। तो उस लड़के के पिता ने उस लड़के से कहा मैं जरूर बताऊंगा।पहले तू मेरी ये पुरानी घड़ी ले और जा सड़क किनारे खड़ा होकर बेचना फिर मुझे उसका मूल्य बताना कितने में बिक रही है। लड़के ने घड़ी लिया और सड़क किनारे जाके सामने रख के बैठ गया, उतने में एक बूढ़ा व्यक्ति आया और बोला, बेटा यह धड़ी कितने में देगा, लड़के ने कुछ बोला नहीं और दो उंगलियां उठा दिया, बूढ़ा व्यक्ति बोला दो हजार, ठीक है मै इस घड़ी का दो हजार दूंगा मुझे देदो। लड़के ने घड़ी उठाया घर आके अपने पिता से बोला पिताजी घड़ी के दो हजार रुपए मिल रहे है। पिता ने बोला ठीक है।

     अपने महत्व को समझे Know Your Value In Life-     

                लड़के के पिता ने फिर घड़ी दिया और बोला इस बार लेजा घड़ी और किसी दुकान वाले के पास बेच के देखना कितना कीमत देता है। लड़के ने घड़ी उठाया और जाकर एक दुकान के सामने हाथ में घड़ी लेकर  खड़ा  हो गया, तभी दुकान वाले की नजर घड़ी पर गई तो दुकान वाले ने बोला बेटा ये घड़ी मुझे देदो कितना कीमत लोगे। लड़के ने फिर दो उंगलियां उठा दिया, दुकान वाला बोला बीस हजार, ठीक है मै बीस हजार दूंगा तुम मुझे घड़ी दे दो। लड़का घड़ी लेकर घर आया और बोला पिताजी दुकान पर तो घड़ी के बीस हजार मील रहे है। पिता ने बोला ठीक है। 

     फिर लड़के के पिता ने लड़के को घड़ी दिया बोला ले जा और इस बार किसी संग्रहालय Museum में इसे बेच कर कीमत पूछना । लड़का घड़ी लिया और संग्रहालय में जाकर हाथ में घड़ी लिए खड़ा हो गया । तभी उसकी घड़ी पर किसी संग्रहालय वाले की नजर पड़ी तो उससे पूछा बेटा इस घड़ी को कितने में बेचोगे, लड़के ने फिर कुछ नहीं बोला और दो उंगलियां उठा दिया। उसने बोला दो लाख, ठीक है मै दूंगा मुझे घड़ी दे दो। लड़के ने घड़ी नहीं बेचा और घर आ गया । अपने पिता से बोला पिताजी संग्रहालय में इसकी कीमत दो लाख रुपए मिल रही है, बोला ठीक है।

    
 इस कहांनी से हमने क्या सीखा?

                         लड़के के पिता ने लड़के से पूछा अब समझ आया कि तुम्हारा महत्व Value क्या है। तुम्हारा महत्व तुम पर निर्भर करता है कि अपने आप को कहा रखना चाहते हो । जितने लोग तुमसे प्यार करेंगे उतनी तुम्हारी महत्व Value बढ़ेगी। मां-बाप के जीवन में अपने बेटे की महत्व Value सबसे ज्यादा होती है क्योंकि उससे सबसे ज्यादा प्यार करते है। जबकि सामाज में महत्व Value तब होता है जब हम किसी ऐसे जगह पर हो जिसकी मान्यता सबसे ऊपर हो। जैसे कोई उच्च पद पर कार्यरत हो चाहे राजनीतिक हो या प्रशासनिक। 

निष्कर्ष-

                    तो इस कहानी से यही प्रेरणा मिलती है कि हमें अपने महत्व Value को खुद बनाना होता है। हमें तय करना होता है कि अपने आप को किस श्रेणी के महत्व Value के लिए तैयार करते है। समाज में अपना महत्व सबसे ऊपर रखना चाहते है तो उसके लिए कठिन परिश्रम करके हमें इतना ही उचा मुकाम हासिल करना होगा। 

                                कठिन परिश्रम से हम अपने महत्व को सामाजिक आर्थिक रूप से बढ़ा सकते है । अपने माता पिता और करीबियों के लिए हमारा महत्व Value हमेशा सबसे ज्यादा होता है । परन्तु हमें अपने महत्व को सामाजिक, आर्थिक रूप से बढ़ाना चाहिए । समाज में सबसे ऊंचाई पर दिखने के लिए कठिन परिश्रम शुरू से करना चाहिए, एक सफल इंसान बनकर अपने आप को इस काबिल बनाना चाहिए कि किसी दूसरे की मदद कर सके। 

जय हिन्द, वन्दे मातरम्!

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