Motivational Story Of Legends In Hindi

 Motivational story of legends in Hindi

Dr. A.P.J. Abdul Kalam’s success story


आत्म विश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बीमारी को मारने के लिए सबसे अच्छी दवाई है।ये आपको एक सफल व्यक्ति बनाती है। (Motivational story of legends in Hindi) में जानेंगे कि आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते पर आप अपनी आदतें बदल सकते है और निश्चित रूप से आपकी आदतें आपका भविष्य बदल देंगी।
                   मेरा संदेश विशेष रूप से युवाओं के लिए है। हर युवा अलग तरह से सोचने का साहस करे ।कुछ नया करने (आविष्कार ) का साहस रखें। अनजाने रास्ते पर चलने का साहस रखे। समस्याओं पर जीत पाने की साहस रखें।यह महान गुण युवाओं में होना आवश्यक है। ये सभी बाते डॉ.A.P.J. अब्दुल कलाम द्वारा कहे गए थे। 
        आज हम एक साधारण घर के लड़के कि कहानी जानेंगे कि कैसे अखबार बेचकर अपनी पढ़ाई और अपने परिवार की सहायता करने वाला एक साधारण लड़का वैज्ञानिक, भारत का मिसाइल मैन और राषट्रपति तक बन जाता है। इस कहानी को अंत तक पढ़िए, इससे युवा वर्ग को बहुत कुछ सीख मिलेगी। 
डॉ.A.P.J. अब्दुल कलाम का जन्म सन् 15 अक्टूबर सन् 1931 को रामेश्वरम तमिलनाडु के एक गरीब मुस्लिम परिवार में हुआ। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उनके पिता एक नाविक और माता गृहिणी थी। आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के कारण वह कम उम्र में ही काम करने लगें। वह अखबार बेचकर अपने पिता की सहायता करते थें। 

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा –

            शुरुवाती दिनों में कलाम पढ़ने में एक सामान्य क्षात्र थे। पर उनमें किसी भी चीज को शिखने की अलग भूख थी। उन्होंने अपनी पढ़ाई रामनाथपुराम मैट्रिकुलेशन स्कूल से शुरू की। उसके बाद तिरुचिरापल्ली सेंट जोसेफ कॉलेज में दाखिला लिया। जहां से उन्होंने सन् 1954 में भौतिक विज्ञान में स्नातक किया। सन् 1954 में वह मद्रास चले गए, जहां से उन्होंने एयरोस्पेस इंजिनियर की शिक्षा ग्रहण की। सन् 1960 में कलाम ने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। 
        मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद कलाम ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन में एक वैज्ञानिक के तौर पर कार्य किया। कलाम ने अपने काम की शुरुवात सेना के लिए एक हेलीकॉप्टर की डिज़ाईन बनाकर की। कलाम को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन में अपने काम से संतुष्टि नहीं मिल रही थी। डॉ. कलाम पं. जवाहर लाल नेहरू द्वारा गठित इंडियन स्पेस रिसर्च एंड ऑर्गनाइजेशन के सदस्य भी थे। इस तरह उन्हें प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के साथ काम करने का मौका भी मिला। 
Motivational Story of Legend's in Hindi

महान कार्य एवं वैज्ञानक जीवन –

         वर्ष 1969 में उनका स्थानांतरण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधन संगठन इसरो ISRO में हो गया। यहां वह सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल परियोजना के निर्देशक के तौर पर नियुक्त किए गए थें। इसी परियोजना के सफलता के साथ भारत की पहली उपग्रह रोहिणी वर्ष 1980 में पृथ्वी की कक्षा में शामिल किया गया। ISRO में शामिल होना कलाम के जीवन का सबसे अहम मोड़ था। यही जीवन का मोड़ इन्हें महापुरुष (Motivational story of legends in Hindi) बनाती है। सन् 1963, 64 के दौरान उन्होंने अमेरिका के अंतरिक्ष संगठन NASA की भी यात्रा की। 
     परमाणु वैज्ञानिक राजा रमन्ना जिनकी देख रेख में भारत ने पहला परमाणु परीक्षण किया। कलाम को सन् 1974 में पोखरण में परमाणु परीक्षण देखने के लिए भी बुलाया गया। 70 और 80 के दशक में उन्होंने सराहनीय काम किया। देश के माने जाने वैज्ञानिकों में उनका नाम गिना जाने लगा। तत्तकालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने कैबिनेट कि मंजूरी के बिना ही उन्हें कुछ गुप्त परियोजना पर काम करने की मंजूरी देदी। 
      भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी “इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डिवेलपमेंट प्रोग्राम” का प्रारम्भ डॉ. कलाम की देख रख में किया। इस परियोजना ने देश को अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें दी। सन् 1992 से लेकर सन् 1999 तक डॉ. कलाम प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलहकार और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन DRDO के सचिव रहें। भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण इसी दौरान किया था। और उन्होंने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी वर्ष मिले मीडिया कवरेज ने इन्हें सबसे बड़े परमाणु वैज्ञानिक बना दिया।

राजनीतिक जीवन –

          डॉ. कलाम ने 25 जुलाई सन् 2002 को अपनी प्रतिद्वंद्वी लक्ष्मी सहगल को भारी मतों से पराजित कर भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। ये ऐसे तीसरे राष्ट्रपति थे जिन्होंने राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न ले लिए थे। इससे पहले डॉ. राधा कृषणन और डॉ. ज़ाकिर हुसैन को राष्ट्रपति बनने से पहले भारत रत्न मिल चुका था। उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें जनता का राष्ट्रपति कहा गया। राष्ट्रपति कार्यकाल के समाप्त होने के बाद डॉ. कलाम शिक्षण, लेखन और शोध जैसे कार्यों में लग गए। 

शिक्षण कार्य एवं पुरस्कार –

          डॉ. कलाम ने आईआईटी हैदराबाद, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी और अन्ना यूनिवर्सिटी में सूचना प्रौद्योगिकी पढ़ाया। ये हमेशा देश के युवाओं और उनके भविष्य को संवारने की बाते किया करते थें। इसी संदर्भ में उन्होंने ‘व्हाट कैन आई गिव’ पहल की शुरुआत की। जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार का सफाया है। वर्ष 2011 में बनी फिल्म आई एम कलाम उनकी जीवन से संबंधित हैं। इन्होंने कई पुस्तकें लिखी – इंडिया 2020: अ विज़न फॉर द न्यू मिलेनियम, विंग्स ऑफ़ फायर , इग्राइटेड माइंड्स: अनलिशिंग द पॉवर विदिन इंडिया, इनकी महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं। 
      डॉ. कलाम को उनके महान कार्यों के लिए अनेकों पुरस्कार मिले। देश के लगभग चालीस विश्वविद्यालयों ने उन्हें डॉक्टर की उपाधि प्रदान की। और भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण तथा भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। उन्हें और भी बहुत पुरस्कार और सम्मान भारत और विश्व के अन्य देशों से प्राप्त हुआ। 27 जुलाई 2015 को भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलोग, अध्यापन कार्य के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिससे करोड़ों दिलों पर राज करने वाले देश के चहेते मिसाईल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इस दुनियां को त्याग कर पंचतत्व में विलीन हो गए।  

निष्कर्ष –

     इस तरह डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का सफर अखबार बेचने से शुरू होकर वैज्ञानिक और देश के सबसे बड़े पद राष्ट्रपति पर समाप्त होता है। अपने जीवन काल में देश, समाज और विश्व के भले के लिए अनेकों कार्य किए। कहते है कि किसी कार्य को करने के लिए एक कारण पर्याप्त होता है। वरना टालने के तो हजारों कारण मौजूद होते हैं। डॉ. कलाम ने हरदम कुछ नया करने का प्रयास किया। और नया करते करते बहुत कुछ कर गए। बचपन की उनकी काम करने की आदतों और पढ़ाई में रुचि रखने की वजह से वह गरीब परिवार में पैदा होकर भी वैज्ञानिक और राष्ट्रपति बनने का सफर पूरा किया। 
    
       दोस्तों, कहते हैं कि गरीब पैदा होना गलत नहीं है, मगर गरीब ही मर जाना गलत है। हरदम कुछ नया करने की सोचो। एक मिनट, एक घंटा, एक दिन का भी समय बर्बाद मत करो। जो समय को बर्बाद करता है समय उसे बर्बाद कर देता है। जी, जां से अपने लक्ष्य को पूरा करने में लग जाओ। सफलता आपके पीछे आएगी तो दुनिया आपके सामने झुकेगी। आप उस ऊंचाई को छूने की कोशिश करो जहां से दुनियां छोटी नजर आए। हमेशा बड़ा लक्ष्य चुनो, बड़ा बनने कि कोशिश करो। हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

कुछ अनमोल वचन – 

💠जब हम कठिनाइयों में उलझे होते हैं तो हमे महसूस होता है कि छुपा हुआ साहस हमारे अन्दर है जो हमें तभी दिखाई देता है जब हम असफलताओं का सामना कर रहे होते है। हमें उसी दबी हुई साहस और शक्ति को पहचानना है। – डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
💠 मानव जीवन में कठिनाइयां बहुत जरूरी है क्योंकि बिना उसके सफलता का आनन्द नहीं लिया जा सकता है।-  डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
 
जय हिन्द, वन्दे मातरम्!
 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *